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ईरान मुद्दे पर बराक ओबामा जैसी गलती नहीं दोहराऊंगा: डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन, 24 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं ईरान के मामले में उनके जैसी गलती नहीं कर सकता हूं। इसके साथ ही अपने प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्दबाजी में कोई समझौता न करें।
 
ईरान मुद्दे पर बराक ओबामा जैसी गलती नहीं दोहराऊंगा: डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन, 24 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं ईरान के मामले में उनके जैसी गलती नहीं कर सकता हूं। इसके साथ ही अपने प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्दबाजी में कोई समझौता न करें।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "हमारे देश की अब तक के सबसे खराब समझौते में से एक ईरान न्यूक्लियर डील थी, जिसे बराक हुसैन ओबामा और ओबामा सरकार के नौसिखियों ने पेश किया और हस्ताक्षर किया था। यह ईरान के लिए न्यूक्लियर हथियार बनाने का सीधा रास्ता था, लेकिन ट्रंप सरकार ईरान के साथ जिस समझौते पर बातचीत कर रही है, उसके साथ ऐसा नहीं हैcअसल में यह बिल्कुल उल्टा हैके बातचीत सही तरीके से और अच्छे तरीके से चल रही है और मैंने अपने प्रतिनिधियों को बता दिया है कि जब तक हमारे पास समय है, वे जल्दबाजी में कोई समझौता न करें।"

ट्रंप ने कहा कि जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता, सर्टिफाई नहीं हो जाता और हस्ताक्षर नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट पर ब्लॉकेड पूरी तरह लागू रहेगा। दोनों पक्षों को अपना समय लेना चाहिए और इसे सही करना चाहिए। कोई गलती नहीं हो सकती। ईरान के साथ हमारा संबंध बहुत ज्यादा प्रोफेशनल और प्रोडक्टिव होता जा रहा है, हालांकि उन्हें यह समझना होगा कि वे न्यूक्लियर हथियार या बम नहीं बना सकते या खरीद नहीं सकते।

बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिडिल ईस्ट का एक नक्शा साझा किया। इसमें ईरान के नक्शे में अमेरिका का झंडा दिख रहा है। इस तस्वीर के बाद ट्रंप ने रविवार को ट्रूथ सोशल पर लिखा, "मैं अब तक मिडिल ईस्ट के सभी देशों को उनके समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, जो ऐतिहासिक अब्राहम समझौते के देशों में शामिल होने से और बढ़ेगा और मजबूत होगा और क्या पता शायद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान भी इसमें शामिल होना चाहे।"

अब्राहम समझौता अमेरिका की मध्यस्थता में किया गया ऐतिहासिक समझौता है, जिसके तहत कुछ अरब देशों ने पहली बार औपचारिक रूप से इजरायल के साथ अपने संबंध सामान्य किए थे। इसका उद्देश्य मध्य पूर्व में शांति बढ़ाना, व्यापार, पर्यटन और तकनीकी सहयोग बढ़ाना, सुरक्षा और रक्षा साझेदारी मजबूत करना व इजरायल और अरब देशों के बीच लंबे तनाव को कम करना था। इस समझौते को अब्राहम नाम पैगंबर इब्राहिम के नाम पर रखा गया, जिन्हें यहूदी, ईसाई और इस्लाम, तीनों धर्मों में सम्मानित माना जाता है।

दरअसल कई दशकों तक अधिकांश अरब देश इजरायल को मान्यता नहीं देते थे। इसलिए अब्राहम समझौते को मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया।

--आईएएनएस

केके/वीसी