अमेरिकी पर्यटक के साथ रेप का मामला: हाई कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी कर्नाटक सरकार
बेंगलुरु, 9 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस मंगलवार को हाई कोर्ट में उस मामले की जांच रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें मडिकेरी के एक होमस्टे में झारखंड के एक कर्मचारी ने अमेरिकी पर्यटक के साथ यौन उत्पीड़न किया था।
जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में सरकार को निर्देश जारी किए। यह निर्देश आरोपी होमस्टे मालिक, पालेकंडा पोनप्पा उर्फ विशाल की याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया, जिसमें उसने अपने खिलाफ चल रही जांच पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी।
सोमवार को कोर्ट ने कहा कि देश में एक विदेशी महिला के साथ रेप जैसा गंभीर अपराध हुआ है, और इसे बहुत चिंताजनक मामला बताया। कोर्ट ने कहा कि इस चरण में मामले में रोक लगाना संभव नहीं है और पहले जांच से जुड़े दस्तावेजों की जांच करनी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि होमस्टे मालिक पर गंभीर आरोप हैं, जिनकी पुष्टि होनी चाहिए।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि होमस्टे मालिक पर रेप का आरोप नहीं है और अन्य कथित अपराध जमानती प्रकृति के हैं। यह भी कहा गया कि बिना पूर्व सूचना के उसकी गिरफ्तारी उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई बुधवार (11 जून) तक के लिए टाल दी है।
बता दें कि अप्रैल 2026 में, वाशिंगटन की एक महिला यात्री विला में रुकी हुई थी। झारखंड निवासी रसोइए वृजेश कुमार पर महिला के यौन उत्पीड़न का आरोप है। वृजेश कुमार ने कथित तौर पर एक मीठे पेय में नशीला पदार्थ मिला दिया। शिकायत के अनुसार, महिला के बेहोश होने के बाद कुमार ने पर्यटक के साथ यौन उत्पीड़न किया।
जांच से पता चला कि होमस्टे मालिक विशाल ने कथित तौर पर घटना को दबाने की कोशिश की। आरोपों के अनुसार, हमले के बाद विशाल ने तीन दिनों के लिए प्रॉपर्टी का वाई-फाई बंद कर दिया ताकि पीड़िता अमेरिकी दूतावास या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क न कर सके।
पीड़िता आखिरकार अपने बंधक बनाने वालों को यह कहकर भाग निकली कि वह मैसूर जा रही है। वहां पहुंचने के बाद, उसने तुरंत अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया, जिसके बाद विदेश मंत्रालय और स्थानीय पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया।
पुलिस ने झारखंड के रहने वाले वृजेश कुमार और मालिक विशाल, दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस घटना पर आक्रोश के बाद, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने जांच की प्रगति की निगरानी के लिए मडिकेरी का दौरा किया। पर्यटन विभाग ने बताया कि इस प्रतिष्ठान को जनवरी 2024 में ही लाइसेंस मिला था, लेकिन कथित तौर पर इसने सुरक्षा संबंधी सभी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का उल्लंघन किया। कर्नाटक के पूर्व गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मीडिया से बात करते हुए पुष्टि की कि जैसे ही रिपोर्ट मैसूर पहुंची, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले को दबाने की कोशिशें नाकाम कर दी गईं।
परमेश्वर ने कहा, "ऐसी घटनाएं हमारे राज्य और भारतीय समाज के लिए शर्मनाक हैं, खासकर तब जब इनमें विदेशी नागरिक शामिल हों।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने जिला प्रशासन को इलाके के सभी होमस्टे में सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
--आईएएनएस
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