तेलंगाना एसीबी ने 'रोड्स एंड बिल्डिंग्स विभाग' के चीफ के ठिकानों पर तलाशी ली
हैदराबाद, 9 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को रोड्स एंड बिल्डिंग्स विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक और उनके रिश्तेदारों के घरों और उनसे जुड़ी अन्य जगहों पर तलाशी ली।
आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोपों के सिलसिले में कई जगहों पर एक साथ तलाशी ली जा रही है।
माधापुर में नाइक के घर के अलावा एसीबी की टीमें उनसे और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी 15 अन्य जगहों पर भी तलाशी ले रही थी।
अधिकारी तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और वित्तीय व संपत्ति से जुड़ी जानकारी की जांच कर रहे थे।
आरोप है कि इंजीनियर-इन-चीफ ने कॉन्ट्रैक्ट देने में कुछ कंपनियों का पक्ष लिया और पूरे तेलंगाना में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए एक बड़ा नेटवर्क बनाया।
अधिकारियों को 60 लाख रुपए नकद, एक किलोग्राम सोने के गहने और 13 सोने के बिस्कुट मिले। उन्हें हैदराबाद और निजामाबाद में संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले।
एसीबी अधिकारी तलाशी के दौरान मिली चल और अचल संपत्ति का ब्योरा तैयार कर रहे थे। संभावना है कि बाद में इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
यह घटना एसीबी की ओर से सस्पेंड किए गए एएसपी नयनी भुजंगा राव को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किए जाने के एक हफ्ते से भी कम समय में हुई है। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
एसीबी ने पुलिस अधिकारी के दो घरों पर तलाशी ली थी। उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों से जुड़ी 15 जगहों पर भी नालगोंडा, सूर्यपेट और संगारेड्डी जिलों में एक साथ तलाशी ली गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन वैल्यू के आधार पर लगभग 5.92 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति का पता चला है। अचल संपत्तियों की बाजार कीमत दस्तावेजों में दर्ज कीमत से कई गुना अधिक हो सकती है।
अवैध फोन-टैपिंग मामले के आरोपियों में से एक राव को 2024 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
मंगलवार को एसीबी ने हैदराबाद मेट्रो वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया। उनसे जुड़ी जगहों पर तलाशी के दौरान 5.88 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति मिली थी।
रेड हिल्स स्थित प्रोजेक्ट डिवीजन-VIII के जनरल मैनेजर (इंजीनियरिंग) सग्गम अनंत लक्ष्मी कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान भ्रष्टाचार और गलत तरीकों से आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति जमा की थी।
--आईएएनएस
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