एनएचएआई ने हाईवे के रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए ऑटोमैटिक तरीके से गड्ढों की मरम्मत को अनिवार्य किया
नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मंगलवार को टेक्नोलॉजी पर आधारित कई पहल शुरू कीं। इनका मकसद नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर रखरखाव के तरीकों को आधुनिक बनाना है, ताकि सड़कों की क्वालिटी, कामकाज की क्षमता और यात्रियों के सफर के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।
इस कदम के तहत, एनएचएआई ने शहरी और आबादी वाले इलाकों में ड्रेनेज सिस्टम के मशीनीकृत रखरखाव को अनिवार्य करने के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हैं। साथ ही, सड़क के रखरखाव के लिए एडवांस्ड उपकरण जैसे कि ऑटोमैटिक गड्ढे भरने, कॉम्पैक्टिंग और पैचिंग मशीनें, और मशीनीकृत सड़क सफाई मशीनें भी तैनात की जाएंगी।
अथॉरिटी ने कहा कि इन पहलों का मकसद समय रहते रखरखाव के तरीकों को मजबूत करना, रखरखाव की क्वालिटी को बेहतर बनाना और रखरखाव कॉन्ट्रैक्ट्स का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
इन उपायों से हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर की सस्टेनेबिलिटी बढ़ने और सड़क इस्तेमाल करने वालों को होने वाली परेशानी कम होने की भी उम्मीद है।
मानसून सीजन से पहले, एनएचएआई ने नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे के शहरी हिस्सों में बनी नालियों की मशीनों से सफाई करना जरूरी कर दिया है।
इस सिस्टम में एडवांस्ड इक्विपमेंट का एक साथ इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें हाई-फ्लो सक्शन और जेटिंग यूनिट, हाइड्रोलिक ग्रैब मशीन और डीवॉटरिंग पंप सेट शामिल हैं।
इन सिस्टम का इस्तेमाल पानी निकालने (डीवॉटरिंग), जमा हुई गाद (सिल्ट) को ढीला करने, कीचड़ हटाने और ड्रेनेज चैनल से भारी कचरा साफ करने के लिए किया जाएगा, ताकि बारिश के पानी का मैनेजमेंट बेहतर हो सके और जलभराव का खतरा कम हो।
अथॉरिटी ने कॉन्ट्रैक्टर और कंसेशनियर को यह भी निर्देश दिया है कि वे ड्रेनेज सिस्टम के लिए तय मेंटेनेंस शेड्यूल और इंस्पेक्शन प्रोग्राम का सख्ती से पालन करें।
ड्रेनेज से जुड़ी कमियों को ठीक करने के लिए तय समय-सीमा का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी बारीकी से निगरानी की जाएगी ताकि तुरंत कार्रवाई हो सके और सड़क की हालत खराब न हो।
एक और बड़े कदम के तौर पर, एनएचएआई ने परफॉर्मेंस-बेस्ड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (पीबीएमसी) के तहत इस्तेमाल होने वाले इक्विपमेंट की लिस्ट में ऑटोमैटिक गड्ढे भरने, कॉम्पैक्ट करने और पैचिंग करने वाली मशीनों के साथ-साथ मशीनों से सड़क की सफाई करने वाली मशीनों को भी शामिल किया है।
यह सिस्टम चल रहे मेंटेनेंस प्रोजेक्ट में इन टेक्नोलॉजी को लगाने से जुड़े खर्चों का आकलन करने और उन्हें मंजूरी देने का तरीका बताता है।
एनएचएआई के मुताबिक, ऑटोमैटिक गड्ढे भरने वाली मशीनों के इस्तेमाल से सड़क की मरम्मत तेजी से होगी, काम में लगने वाला समय कम होगा और हाईवे इस्तेमाल करने वालों को कम परेशानी होगी।
समय पर मरम्मत से सवारी का अनुभव बेहतर होने और सड़क के ढांचे की मजबूती बनाए रखने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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