केटीआर ने तेलंगाना सरकार पर किसानों के लिए मुफ्त बिजली योजना खत्म करने की साजिश रचने का लगाया आरोप
हैदराबाद, 24 मई (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने रविवार को आरोप लगाया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा कृषि मोटरों पर मीटर लगाने का निर्णय किसानों के लिए मुफ्त बिजली योजना को समाप्त करने के एकमात्र इरादे से लिया गया था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार प्रीपेड मीटरों की आड़ में बिजली क्षेत्र को पूरी तरह से निजी संस्थाओं को सौंपने की कोशिश कर रही है।
बीआरएस कार्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए केटी रामाराव ने कहा कि कांग्रेस किसानों के कृषि उपकरणों में मीटर लगाकर उनकी मुफ्त बिजली व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने की साजिश रच रही है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार हर घर से मौजूदा मीटर हटाकर उनकी जगह प्रीपेड मीटर लगाने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने कथित तौर पर शनिवार को इस संबंध में निर्णय लिया। सभी कृषि कनेक्शनों के लिए प्रीपेड मीटर भी शुरू किए जाएंगे।
केटी रामाराव ने लोगों से अपील की कि कृषि मशीनों में मीटर लगने और हर घर में प्रीपेड मीटर शुरू होने से पहले कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दें। उन्होंने जनता से बिजली क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी द्वारा रची जा रही सत्ता संबंधी साजिशों के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने याद दिलाया कि विधानसभा चुनावों से पहले बीआरएस ने जनता को चेतावनी दी थी कि अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो मुफ्त बिजली योजना को समाप्त कर दिया जाएगा।
केटीआर ने सभी को याद दिलाया कि केसीआर ने विशेष रूप से चेतावनी दी थी कि मोटर पंपों पर मीटर लगाए जाएंगे और प्रीपेड मीटर शुरू करने के बहाने बिजली क्षेत्र को निजी संस्थाओं को सौंप दिया जाएगा।
बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रीपेड मीटर लगाने का भारी दबाव डाला गया था और राज्य सरकार को 30,000 करोड़ रुपए के ऋण से वंचित करने तक की बात हुई, लेकिन के. चंद्रशेखर राव ने इसका विरोध करते हुए इन्हें लागू करने से इनकार कर दिया था।
बीआरएस नेता के.टी. रामा राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने शनिवार को यह फैसला किया है कि अगले तीन महीनों के भीतर पूरे राज्य में प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार यह कदम केवल मुफ्त बिजली योजना को खत्म करने के उद्देश्य से उठा रही है और इसका अंतिम लक्ष्य राज्य के बिजली क्षेत्र को बड़े कॉरपोरेट्स के हाथों सौंपना है।
उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस सरकार से बेहद नाराज है और सही समय आने पर उसे इसका जवाब देगी। केटीआर के अनुसार, कांग्रेस सरकार अपने वादों से भटक चुकी है और राज्य में अराजकता और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पांच साल के कार्यकाल का आधा समय बीत जाने के बावजूद सरकार जनता और राज्य के लिए कोई ठोस काम करने में असफल रही है।
--आईएएनएस
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