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भारत में 2026 की तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत नियोक्ता नई भर्तियां निकालेंगे : रिपोर्ट

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। भारत में 60 प्रतिशत नियोक्ता 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर अवधि) में नई भर्तियां करने की योजना बना रहे हैं, जबकि 29 प्रतिशत की योजना मौजूदा स्टाफ के स्तर को बनाए रखने की है। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
 
भारत में 2026 की तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत नियोक्ता नई भर्तियां निकालेंगे : रिपोर्ट

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। भारत में 60 प्रतिशत नियोक्ता 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर अवधि) में नई भर्तियां करने की योजना बना रहे हैं, जबकि 29 प्रतिशत की योजना मौजूदा स्टाफ के स्तर को बनाए रखने की है। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

मैनपावरग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर अवधि में नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक (एनईओ) 48 प्रतिशत पर रहा है, जो कि वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि समीक्षा अवधि में 11 प्रतिशत नियोक्ता नौकरियों में कटौती की योजना बना रहे हैं, जबकि एक प्रतिशत नियोक्ता भर्ती की योजना को लेकर अनिश्चित हैं।

मैनपावरग्रुप इंडिया और मिडिल ईस्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप गुलाटी ने कहा, "भारत का 2026 की तीसरी तिमाही में हायरिंग आउटलुक दुनिया भर में सबसे मजबूत बना हुआ है। यह दिखाता है कि बिजनेस का माहौल मुश्किल होने के बावजूद, देश की विकास की गति पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।"

उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें जो कमी आई है, वह बिजनेस कॉन्फिडेंस में गिरावट नहीं, बल्कि ज्यादा सावधानी और सोच-समझकर भर्ती करने के नजरिए को दिखाती है।

उन्होंने आगे कहा कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में जबरदस्त एक्टिविटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का लगातार विस्तार, नौकरियों की मांग को बनाए हुए है।

साथ ही, नियोक्ता एआई-आधारित कार्यबल अनुकूलन, प्रवेश स्तर की भर्ती की कम मांग, वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जो आपूर्ति श्रृंखलाओं और व्यावसायिक लागतों को प्रभावित कर रहे हैं।

क्षेत्रवार देखें तो, सर्वेक्षण में शामिल नौ में से आठ क्षेत्रों में तिमाही आधार पर भर्ती की उम्मीदें कमजोर हुईं।

ट्रेड और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भर्ती की उम्मीदों में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई, इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाएं और सूचना क्षेत्र रहे।

हॉस्पिटैलिटी एकमात्र ऐसा क्षेत्र था जिसने पिछली तिमाही की तुलना में भर्ती की उम्मीदों में सुधार दर्ज किया।

रिपोर्ट में कम्युनिकेशन और कोलेबोरेशन स्किल्स को सबसे ज्यादा जरूरी क्षमताओं के तौर पर पहचाना गया। इसके बाद प्रॉब्लम-सॉल्विंग, टाइम मैनेजमेंट और काम के प्रति मजबूत निष्ठा (वर्क एथिक्स) का नंबर आता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 84 प्रतिशत से ज्यादा नियोक्ता एआई से जुड़ी स्किल्स के लिए ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं। इन स्किल्स में एआई मॉडल और एप्लीकेशन डेवलपमेंट के साथ-साथ एआई की समझ (एआई लिटरेसी) भी शामिल है।

--आईएएनएस

एबीएस