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मणिपुर में चार सप्ताह बाद 14 कुकी बंधक रिहा, छह नागा ग्रामीणों का अब भी नहीं मिला सुराग

इंफाल, 9 जून (आईएएनएस)। मणिपुर में लगभग चार सप्ताह तक बंधक बनाए जाने के बाद कुकी समुदाय के 14 लोगों को मंगलवार को रिहा कर दिया गया। हालांकि, 13 मई को अगवा किए गए छह नागा ग्रामीणों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
 
मणिपुर में चार सप्ताह बाद 14 कुकी बंधक रिहा, छह नागा ग्रामीणों का अब भी नहीं मिला सुराग

इंफाल, 9 जून (आईएएनएस)। मणिपुर में लगभग चार सप्ताह तक बंधक बनाए जाने के बाद कुकी समुदाय के 14 लोगों को मंगलवार को रिहा कर दिया गया। हालांकि, 13 मई को अगवा किए गए छह नागा ग्रामीणों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिहा किए गए 14 कुकी ग्रामीणों को मंगलवार दोपहर बाद यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) और नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (एनपीओ) ने सेनापति जिले के एक पुलिस थाने को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने उन्हें अपने संरक्षण में ले लिया।

अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों की रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब कांगपोकपी और सेनापति जिलों के कुछ हिस्सों में तनाव बना हुआ है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बंधकों को किन परिस्थितियों में रखा गया था और उनकी रिहाई कैसे संभव हो सकी। मामले की विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

गौरतलब है कि 13 मई से मणिपुर के पहाड़ी जिलों में कथित तौर पर सशस्त्र समूहों द्वारा अगवा किए गए कुल 20 लोग लापता थे, जिनमें छह नागा और 14 कुकी समुदाय के सदस्य शामिल थे। पिछले चार सप्ताह से केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त रूप से व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा था, लेकिन मंगलवार तक उनका कोई पता नहीं चल पाया था।

हालांकि 14 कुकी ग्रामीणों की रिहाई के बाद भी छह नागा ग्रामीणों की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, 13 मई को कांगपोकपी जिले में हुई हिंसक घटनाओं के बाद नागा और कुकी समुदाय के करीब 50 लोगों को विभिन्न सशस्त्र समूहों द्वारा बंधक बनाए जाने की आशंका जताई गई थी। इसी हिंसा में तीन चर्च नेताओं की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे।

प्रशासन, सामुदायिक नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रयासों के बाद 14 और 15 मई को दोनों समुदायों के लगभग 30 लोगों को सुरक्षित रिहा करा लिया गया था। इसके बावजूद 20 लोगों का कोई पता नहीं चल पाया था, जिनमें से अब 14 कुकी ग्रामीणों को मुक्त करा लिया गया है।

नागा और कुकी समुदायों के विभिन्न संगठनों ने लगातार प्रदर्शन करते हुए सभी अपहृत लोगों की सुरक्षित रिहाई की मांग की थी।

इस बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पहले ही कहा था कि छह नागा ग्रामीणों के अपहरण और 13 मई को तीन चर्च नेताओं की हत्या के मामलों की जांच के लिए मामला एनआईए को सौंप दिया गया है। एजेंसी पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी