हर विकास खंड में लगेगी साप्ताहिक चौपाल, जन समस्याओं का मौके पर होगा समाधान: सीएम योगी
लखनऊ, 24 मई(आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की विभिन्न शिकायतों के समाधान के लिए प्रत्येक विकास खंड स्तर पर साप्ताहिक चौपाल लगाने का निर्णय लिया है। इन चौपालों में राजस्व वाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली तथा स्थानीय स्तर पर दर्ज न होने वाली पुलिस शिकायतों जैसी आमजन से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा। साथ ही सरकारी लाभार्थीपरक योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ भी इन चौपालों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन चौपालों के संचालन के लिए शासन स्तर से विस्तृत एसओपी जारी की जाएगी तथा प्रत्येक आवेदन और शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। जनपद स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति इन चौपालों में अनिवार्य रहेगी।
उन्होंने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि हर शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया जाए। केवल औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
बैठक में सीएम योगी ने आगामी गंगा दशहरा और बकरीद पर्व को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बकरीद के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी तथा प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कुर्बानी केवल पूर्व निर्धारित स्थलों पर ही की जाएगी और किसी भी नई परंपरा को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि नमाज केवल परंपरागत स्थलों पर ही अदा की जाए तथा सड़क मार्ग अवरुद्ध कर नमाज की अनुमति किसी भी स्थिति में न दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निस्तारण की सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खुले में मांस विक्रय प्रतिबंधित रहे तथा अवैध स्लॉटर हाउस किसी भी दशा में संचालित न हों। वैध स्लॉटर हाउस में भी निर्धारित क्षमता से अधिक पशु न रखे जाएं।
उन्होंने पर्वों के दौरान बिजली आपूर्ति, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में पर्व से पूर्व फ्लैग मार्च किया जाए तथा धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस बल की सतत पैदल गश्त सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और संभल सहित संवेदनशील जनपदों के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों से संवाद करते हुए कहा कि विगत वर्षों की घटनाओं का अध्ययन कर संभावित अराजक तत्वों की सूची तैयार की जाए तथा आवश्यकतानुसार निषेधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी थाना, तहसील और जनपद स्तर पर पीस कमेटियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।
गंगा दशहरा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़, मुजफ्फरनगर और अमरोहा सहित विभिन्न जनपदों में गंगा घाटों की साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस तैनाती, छायादार व्यवस्था तथा पार्किंग प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में सड़क सुरक्षा और अवैध खनन पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बिना नम्बर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाने तथा अवैध खनन के खिलाफ टास्क फोर्स गठित कर कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि किसी भी दबाव या सिफारिश में आए बिना जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाए, लेकिन जांच के नाम पर आम नागरिकों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
सीएम योगी ने भू-माफिया के विरुद्ध कार्रवाई को और तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का वैध अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। साथ ही जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तैनाती नहीं है, वहां तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य सचिव ने ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 12 लाख पांडुलिपियों के चिन्हांकन की जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक ने आगामी पर्वों और परीक्षाओं को लेकर पुलिस की तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
--आईएएनएस
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