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बिहार में इंडस्ट्री आएगी, तभी राज्य की तस्वीर बदलेगी: सीएम सम्राट चौधरी

पटना, 24 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बिहार चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा शताब्दी वर्ष में आयोजित 'व्यवसायिक समागम' कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। आयोजित कार्यक्रम का थीम 'व्यवसाय, राजनीति और विकास' रखा गया था।
 
बिहार में इंडस्ट्री आएगी, तभी राज्य की तस्वीर बदलेगी: सीएम सम्राट चौधरी

पटना, 24 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बिहार चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा शताब्दी वर्ष में आयोजित 'व्यवसायिक समागम' कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। आयोजित कार्यक्रम का थीम 'व्यवसाय, राजनीति और विकास' रखा गया था।

सीएम सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे लिए यह गौरव का क्षण है कि बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स 100 वर्षों से लगातार बिहार की समृद्धि और बिहार को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग कर रहा है। आप सभी अपने व्यवसाय के साथ-साथ समाज की उन्नति और कल्याण के लिए भी काम करते रहें, हम यही चाहते हैं। बिहार उन्नति के पथ पर आगे बढ़े और सामाजिक संरचना में बेहतरी आए, इसके लिए आप सब मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 1926 में बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की स्थापना हुई थी, उस समय बिहार में लोकतंत्र स्थापित था और मतदान की प्रक्रिया शुरू हो रही थी, वह ऐतिहासिक क्षण रहा होगा।

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने निजी निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 बनाई है, उसमें संशोधन भी किए गए हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो उसमें और संशोधन किया जाएगा। उद्योग स्थापित करने के लिए सबसे आवश्यक दो चीजें हैं भरोसा और सुरक्षा। हम लोग चाहते हैं कि बिहार में अधिक से अधिक निवेश हो और उद्योग स्थापित हो, इसमें बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण योगदान है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बिहार में निवेश करने को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी, बड़ी संख्या में निवेशक बिहार की ओर आकर्षित हो रहे हैं और यहां निवेश करने के लिए आ रहे हैं। बिहार में अधिक से अधिक निवेशक आएं, इसका माध्यम बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री भी है। आप सभी के सहयोग से ही बिहार उन्नति से समृद्धि की ओर अग्रसर होगा। बिहार में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित हो और निवेश बढ़े इससे ही बिहार की समृद्धि का रास्ता खुलेगा। मैं आश्वस्त करता हूं कि आप सभी को हर प्रकार की सहूलियत प्रदान की जाएगी।

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार एआई समिट में मैं भी शामिल हुआ था। बिहार में अधिक से अधिक इंडस्ट्री लगाई जाएं, इसको लेकर भी कई सुझाव आए थे। हमने इंडिया की टॉप 10 उद्योग नीतियां बनाई हैं, लेकिन उसके हिसाब से अब तक यहां उद्योग स्थापित नहीं हुए या निवेश नहीं हो सका है। आपका भरोसा और सुरक्षा सुनिश्चित हो, इन दोनों मापदंडों पर काम किया जा रहा है। आपकी सुरक्षा सरकार का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि अब कोई भी कहीं भी अपराध करता है तो प्राथमिकता के तौर पर 24 घंटे के अंदर उस पर कार्रवाई होती है। बिहार में कोई भी हो, वह कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता। कुछ लोग जाति, धर्म की बात करते हैं। मेरा मानना है कि अपराधी का कोई जाति-धर्म नहीं होता। अपराधी अपने ही कम्युनिटी और धर्म के लोगों को सबसे पहला टारगेट करता है। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को मैं कहना चाहता हूं कि आपकी सुरक्षा की चिंता सरकार करेगी। प्रत्येक 3 महीने पर आपके साथ जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बैठक करेंगे और सुरक्षा या कोई भी समस्या हो, उसका निदान किया जाएगा। इंडस्ट्री पॉलिसी में यदि कोई सुधार करना हो या कुछ जोड़ने की आवश्यकता हो तो वह भी किया जाएगा। पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र हो या कोई भी पुराना शहर हो, वहां जो जमीन उपलब्ध है, वहां बिजनेस का नेचर बदला जा सकता है, चाहे सर्विस सेक्टर हो, आईटी सेक्टर हो, होटल सेक्टर हो, सभी क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बिहार को बिहार ही नहीं पहचान रहा है जबकि स्वर्णिम काल देने वाला यह धरती है। यही पाटलिपुत्र से 200 वर्ष तक देश पर राज किया गया। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह आजादी से पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने औद्योगिक विकास की कल्पना की, वहीं जननायक कर्पूरी ठाकुर ने सामाजिक न्याय के क्षेत्र में काम किया तथा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए काफी काम किया। यहां सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों को मुहैया कराई। नीतीश कुमार ने आपके बेसिक नीड को पूरा किया। सरकारी खजाने से उद्योग स्थापित नहीं किया जा सकता है सिर्फ जनकल्याण के कार्य किए जाते हैं। हालांकि उद्योग के लिए पीपीपी मोड पर काम किया जा सकता है। वर्ष 2012-13 में जेपी गंगा पथ के निर्माण की शुरुआत की गई जो 2025 में पूरा हुआ, इसके लिए राशि राज्य सरकार ने दी।

उन्होंने आगे कहा कि जेपी गंगा पथ के निर्माण में 12 साल लगे। जेपी गंगा पथ की लंबाई 21 किलोमीटर से अधिक है। अगले तीन वर्षों में हम गंगा और सोन नदी पर 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनाने जा रहे हैं। उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए पांच सेतु का निर्माण किया जा रहा है। जेपी सेतु और महात्मा गांधी सेतु के समानांतर भी पुल का निर्माण कराया जा रहा है। राघोपुर ब्रिज का अगले महीने प्रधानमंत्री या गृह मंत्री से उद्घाटन की तैयारी की जा रही है।

सीएम ने कहा कि राघोपुर ब्रिज के शुरू हो जाने से समस्तीपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर जैसे उत्तर बिहार के जिले पटना से जुड़ जाएंगे। राघोपुर ब्रिज, महात्मा गांधी सेतु, जेपी सेतु दीघवारा पुल में नया एलिवेटेड पथ एवं अप्रोच पथ का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका नाम गंगा-अंबिका पथ होगा। अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, आरा और पटना में जलापूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए सोन नदी पर बराज बनाया जायेगा ताकि दक्षिण बिहार में सूखे की स्थिति से निपटा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का विकास तभी होगा और समृद्धि तभी आएगी जब न्याय के साथ विकास के पथ पर चलते हुए कार्य किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को विकसित बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सपना रहा है कि बिहार समृद्ध हो, इसके लिए हर स्तर से काम किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री के तौर पर हमने जीएसटी रिफॉर्म के लिए काम किया और उसका स्लैब चार से घटाकर 2 किया, यह हमारे लिए चैलेंजिंग था। दुनिया के कई देशों में जीएसटी का सिर्फ एक ही स्लैब था, जबकि हमारे देश में इसके लिए चार स्लैब थे। स्लैब कम करने के लिए प्रधानमंत्री से भी हम मिले थे। सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था फिर भी प्रधानमंत्री ने कहा कि 1 लाख करोड़ रुपए नुकसान हो तो हो लेकिन देशवासियों को आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने आगे कहा कि जीएसटी स्लैब कम करने से बिहार को 5000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 में आया, जिसे वर्ष 2025 में पैकेज के तौर पर लागू किया गया। अगर पॉलिसी में किसी तरह का बदलाव लाना चाहते हैं, तो बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री का डेलिगेशन उद्योग मंत्री से मिले। आपके हिसाब से ही पॉलिसी बनाई जाएगी, पॉलिसी ऐसी बने जो कागजों पर ही सिमटकर नहीं रहे बल्कि वह धरातल पर उतरे। आपके विश्वास से ही बिहार की तकदीर और तस्वीर बदलेगी।

वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव जी ने बिहार का 3,47000 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। हमें बिहार को समृद्ध बनाना है। इसके लिए एमएसएमई सेक्टर पर अधिक ध्यान देना होगा। लोग कहते थे कि बिहार एक लैंडलॉक्ड स्टेट है। इस पर हमने 2024 से काम शुरू किया और 14000 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई। हमने टाउनशिप की पॉलिसी लाई। साढ़े छह लाख एकड़ जमीन पर नई ग्रीनफिल्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जाएंगे, जिस पर 6 लाख करोड़ रुपए निवेश होंगे। यदि टाउनशिप में किसी ऐसी ऐसे व्यक्ति की जमीन आती है जो किसी विपदा से घिरा हो या उनके घर में बेटी की शादी हो, वैसे लोग जिलाधिकारी को आवेदन दें। ग्रामीण इलाके के लोगों को चार गुना, जबकि शहरी क्षेत्र के लोगों को उनकी जमीन के एवज में दोगुना पैसा सरकार मुआवजा के तौर पर देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद चीनी मिलों को चालू करने के लिए इसे को-ऑपरेटिव सेक्टर से जोड़ा जा रहा है। बिहार 14 करोड़ लोगों का मार्केट है, क्योंकि देश की आबादी जहां 140 करोड़ है वही बिहार की आबादी 14 करोड़ है। कुछ दिन पहले ही क्रिकेट खिलाड़ी ईशान किशन को सम्मानित किया गया था। मोइनुल हक स्टेडियम को भी बेहतर ढंग से बनाया जा रहा है। बीसीसीआई से हम आग्रह करेंगे कि बिहार में भी एक आईपीएल की टीम बनाएं, ताकि यहां के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिल सके।

उन्होंने कहा कि बिहार में समृद्धि तभी आएगी जब यहां सुशासन स्थापित रहेगा। हमने प्रखण्ड, थाना और अंचल स्तर पर लोगों को होनेवाली समस्याओं के निदान के लिए सहयोग शिविर शुरू किया है। इसके लिए सहयोग पोर्टल के साथ हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया है। इसका रियल-टाइम मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। देश में कहीं भी इस प्रकार की व्यवस्था शायद ही हो। अंचल, थाना और प्रखंड स्तर पर प्राप्त आवेदनों के 10वें दिन यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है तो 11वें दिन नोटिस जारी किया जाएगा, फिर दूसरा नोटिस 20 दिन के बाद 21वें दिन भेजा जाएगा और 25वें दिन तीसरा नोटिस दिया जाएगा। यदि 30 दिन के अंदर भी आवेदन का निष्पादन नहीं होता है तो मुख्यमंत्री के आदेश से संबंधित पदाधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएंगे। जनता को अधिकार मिले और उनकी समस्या का समाधान हो, सरकार की यह पूरी कोशिश है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है। हमलोग मॉडल स्कूल बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। बिहार के बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है। बिहार के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। पटना में 10 मॉडल स्कूल जबकि जिला मुख्यालयों में पांच मॉडल स्कूल और छोटा जिला मुख्यालय में दो से तीन मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। बिहार में आर्यभट्ट, चाणक्य और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे विभूति हुए हैं। यहां प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी में 90 लाख किताबें थीं, जब उसमें आगजनी हुई तो 6 माह तक आग जलती रही। नालंदा यूनिवर्सिटी को पुनः स्थापित किया गया है। विक्रमशिला विश्वविद्यालय को भी पुनः स्थापित करना है। उड़ीसा में गणित का विश्वविद्यालय और गुजरात में आर्किटेक्ट का विश्वविद्यालय है।

उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसा विश्वविद्यालय स्थापित करना है जहां सारे फैकल्टी की पढ़ाई हो सके। बच्चों को कैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इस पर सरकार लगातार काम कर रही है। ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में स्थापित महाविद्यालय में हमारे बच्चे पढ़ने जाते रहे हैं। हमें ऐसा बिहार बनाना है कि जिस प्रकार अलग-अलग देशों में बिहार के बच्चे पढ़ने जाते हैं, ठीक उसी प्रकार दुनिया के अन्य देशों से भी बच्चे बिहार पढ़ने आयें। इसके लिए माहौल आप सभी को बनाना है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक का दौर है और नित्य नए तकनीक आ रहे हैं। बिहार में 3 करोड़ से अधिक मोबाइल फोन उपभोक्ता हैं। आज तकनीक को समझना और उससे जुड़ना काफी महत्वपूर्ण है। बिहार के विकास से ही देश विकसित होगा। वर्ष 1926 में स्थापित बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने अभी 100 वर्ष पूरा किया है। हमारी पूरी शुभकामनाएं हैं कि 500 वर्षों तक यह संस्था आगे बढ़े और देश तथा बिहार की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करे।

बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत किया। बिहार के विभिन्न जिलों से बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से जुड़े लोगों ने भी मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम को बिहार चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने बिहार चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आर्थिक स्वावलंबन हेतु निःशुल्क संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र का मुआयना कर प्रशिक्षण केंद्र की महिलाओं से बातचीत की।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव सह वित्त सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पीके अग्रवाल, महासचिव मुकेश कुमार जैन, उपाध्यक्ष एनके ठाकुर, उपाध्यक्ष विशाल टेकरीवाल, कोषाध्यक्ष श्री राजेश जैन, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी सहित बिहार के विभिन्न हिस्सों से आए बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा अन्य व्यावसायिक संगठनों से जुड़े लोग उपस्थित थे।

--आईएएनएस

डीकेपी/