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12 वर्षों में भारत ने स्थिरता और परिवर्तन का अद्भुत संगम देखा है: ज्योतिरादित्य सिंधिया

रोहतक, 9 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को हरियाणा के रोहतक में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को “विश्वास, विकास और जनकल्याण की परिवर्तनकारी यात्रा” बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने स्थिरता और तेज़ विकास का संतुलन स्थापित किया है, जिससे देश विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
 
12 वर्षों में भारत ने स्थिरता और परिवर्तन का अद्भुत संगम देखा है: ज्योतिरादित्य सिंधिया

रोहतक, 9 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को हरियाणा के रोहतक में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को “विश्वास, विकास और जनकल्याण की परिवर्तनकारी यात्रा” बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने स्थिरता और तेज़ विकास का संतुलन स्थापित किया है, जिससे देश विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एक निर्णायक और स्थिर नेतृत्व का अनुभव किया है, जिसने सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्रों में बड़े बदलाव किए हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों का उल्लेख करते हुए इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की दृढ़ नीति का उदाहरण बताया। साथ ही जीएसटी के जरिए “वन नेशन, वन टैक्स” प्रणाली लागू होने को आर्थिक एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि भारत ने इस अवधि में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक देशों को सहायता दी गई, जी-20 की सफल अध्यक्षता ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाया और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने देश की सांस्कृतिक शक्ति को विश्व स्तर पर स्थापित किया।

सांस्कृतिक विकास पर बोलते हुए उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास को “विकास भी और विरासत भी” नीति का परिणाम बताया।

आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में आधारभूत संरचना पर निवेश लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क लगभग 4 लाख किलोमीटर तक विस्तारित हुआ है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गति 11.6 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है।

रेलवे क्षेत्र में 99.6 प्रतिशत ब्रॉडगेज का विद्युतीकरण पूरा होने और 1,337 से अधिक स्टेशनों के पुनर्विकास की योजना का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि देश में वर्तमान में 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।

डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारतनेट परियोजना के तहत लाखों किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क स्थापित किया गया है। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में तेज वृद्धि हुई है और भारत डिजिटल भुगतान में वैश्विक अग्रणी बनकर उभरा है। यूपीआई के माध्यम से लेनदेन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से 81 करोड़ लोगों को लाभ मिला है, जबकि जनधन योजना के तहत 58 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक परिवारों को घर मिले हैं। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से करोड़ों लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं।

सिंधिया ने कहा कि भारत ने पिछले 12 वर्षों में तेज विकास और सामाजिक कल्याण के साथ मजबूत आधार तैयार किया है और आने वाले वर्षों में यह गति और तेज होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी