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आसाराम को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार

 
आसाराम को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार

राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार सुबह स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में दी गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट के इस फैसले के बाद आसाराम को फिलहाल किसी तरह की राहत नहीं मिली है।

यह मामला साल 2013 का है, जब एक नाबालिग छात्रा ने आसाराम पर जोधपुर स्थित आश्रम में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मामले ने उस समय पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था।

मामले की सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने आसाराम को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आसाराम की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। बुधवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए सजा को बरकरार रखने का आदेश दिया।

कोर्ट के फैसले के बाद कानूनी गलियारों में इस मामले को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से चल रहे इस हाई प्रोफाइल केस पर पूरे देश की नजर बनी हुई थी। अदालत ने अपने फैसले में नाबालिग पीड़िता के बयान और जांच में सामने आए सबूतों को अहम माना।

आसाराम फिलहाल जेल में बंद है और पहले से ही सजा काट रहा है। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारणों को लेकर उसकी ओर से कई बार राहत की मांग की जा चुकी है, लेकिन अदालतों से उसे सीमित राहत ही मिल सकी है।

इस मामले में फैसला आने के बाद पीड़िता पक्ष ने संतोष जताया है। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट के इस फैसले से नाबालिगों के खिलाफ अपराधों के मामलों में सख्त संदेश गया है।

देशभर में चर्चित रहे इस केस ने उस दौर में धार्मिक संस्थाओं और तथाकथित बाबाओं को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। अब हाईकोर्ट द्वारा सजा बरकरार रखने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।