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झुंझुनूं में मनचलों पर ‘कालिका पुलिस यूनिट’ का शिकंजा, स्कूल-कॉलेज और कोचिंग सेंटरों के बाहर बढ़ी सुरक्षा

 
झुंझुनूं में मनचलों पर ‘कालिका पुलिस यूनिट’ का शिकंजा, स्कूल-कॉलेज और कोचिंग सेंटरों के बाहर बढ़ी सुरक्षा  झुंझुनूं में अब स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और सा

झुंझुनूं में अब स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और सार्वजनिक स्थान पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित नजर आने लगे हैं। सड़कों पर बेटियों और छात्राओं पर फब्तियां कसने वाले मनचलों में अब पुलिस का डर साफ दिखाई दे रहा है। इसकी बड़ी वजह झुंझुनूं पुलिस की विशेष पहल ‘कालिका पुलिस यूनिट’ को माना जा रहा है।

जिले में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर शुरू की गई इस यूनिट ने मनचलों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ रखा है। स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, पार्कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस टीम सादे कपड़ों में भी गश्त कर रही है ताकि छेड़छाड़ और फब्तियां कसने जैसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ‘कालिका पुलिस यूनिट’ का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित माहौल देना है। यूनिट की सक्रियता के बाद कई मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अभियान के बाद छात्राओं और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। पहले जहां स्कूल और कोचिंग के बाहर मनचलों का जमावड़ा दिखाई देता था, अब वहां पुलिस की मौजूदगी के कारण माहौल बदला हुआ नजर आ रहा है।

पुलिस ने अभिभावकों और छात्राओं से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, पीछा करने या अभद्र व्यवहार की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर और त्वरित शिकायत व्यवस्था भी सक्रिय रखी गई है।

झुंझुनूं पुलिस की यह पहल सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की यूनिट समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने और सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।