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Jhunjhunu सुलताना सरपंच समेत 11 जनों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

 
Jhunjhunu सुलताना सरपंच समेत 11 जनों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

झुंझुनू न्यूज़ डेस्क, झुंझुनू थाने में सुलताना सरपंच समेत 11 जनों पर धोखाधड़ी से पैतृक हवेली को बेचने का मामला दर्ज किया गया है। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बेकुठपुर प्रवासी और सुलताना निवासी सज्जन अग्रवाल ने सुलताना सरपंच घासीराम चांवरिया समेत 11 जनों के खिलाफ उसकी पैतृक हवेली को फर्जी कागजों के आधार पर बेचने का मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के मुताबिक गांव के मुय बाजार में ताराचंद महाजन की करीब 100 साल पुरानी हवेली, नोहरा और दुकानें है। इस संपत्ति को हिस्सेदार रांची निवासी गोविंदराम जालान की पत्नी, बेटों और बेटियों ने खुद की बताकर और खुद की कब्जा बताकर एक व्यक्ति को रजिस्ट्री करवा दी। सरपंच घीसाराम ने स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी किया। जबकि सरपंच किसी भी प्रकार का स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकता।

सज्जन अग्रवाल ने बताया कि 22 मई 2024 को उसकी पैतृक कब्जेशुदा संपत्ति की रजिस्ट्री करवाई गई। उसे जब पता चला तो उसने सुलताना थाने में रिपोर्ट दी। लेकिन सुलताना थाने में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने अपनी गुहार एसपी के समक्ष लगाई। एसपी के निर्देश पर अब थाने में सरपंच घीसाराम चांवरिया, चूली की ढाणी तन बड़ाऊ निवासी हवासिंह जाट के अलावा संपत्ति के हिस्सेदार स्व. गोविंदराम की पत्नी रांची प्रवासी सुलताना निवासी सुशीलादेवी, बेटो रामचंद्र जालान, गणेश जालान, बेटियों वीरभूम पश्चिम बंगाल निवासी ललिता केडिया, बाकुरा पश्चिम बंगाल निवासी विद्या देवी, गया बिहार निवासी रेणू देवी, कटिहार बिहार निवासी अलका देवी, रांची निवासी सीता जालान, गया बिहार निवासी सविता सिंघानिया के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पैतृक संपत्ति को खुद का बताकर और कब्जा दिखाकर फर्जी तरीके से बेचने का मामला दर्ज करवाया गया है।

रजिस्ट्री में गलत जानकारी देने का भी आरोप

दर्ज करवाई गई एफआईआर में सज्जन अग्रवाल ने बताया कि रजिस्ट्री को आनन फानन में करवाया गया है। क्योंकि रजिस्ट्री में हवेली के अंदर चार कमरे बताए गए है। जबकि हवेली के अंदर सात कमरे है और सात ही दुकानें है। यही नहीं हवेली के पास में एक भूखंड भी है। सज्जन अग्रवाल ने वर्ष 2000 में इस नोहरे की चारदीवारी निर्माण संबंधी तथ्य भी पुलिस को दिए है। जिसमें बताया गया है कि इस हवेली की सार संभाल सुलताना निवासी रामावतार गोयनका करते थे। सज्जन अग्रवाल भी अक्सर हवेली आते थे। रहने के लिए उन्होंने दो कमरों में सामान भी रखा हुआ था। हवेली की छत्त पर बिजली के लिए सोलर पैनल भी लगाया हुआ था। चारदीवारी का निर्माण भी सुलताना के नवलकिशोर गोयनका की देखरेख में करवाया गया था। जिसके प्रमाण पुलिस को दिए गए है।