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Jaisalmer पुलिस नाकाबंदी में मिले मृत चिंकारों के अवशेष, मामला दर्ज

 
Jaisalmer पुलिस नाकाबंदी में मिले मृत चिंकारों के अवशेष, मामला दर्ज 
जैसलमेर न्यूज़ डेस्क, जैसलमेर सेड़वा उपखण्ड के गौड़ा गांव की सरहद में 3 जुलाई रात चिंकारा शिकार के बाद अब वहां खोजबीन करने पर कई जगहों पर अवशेष मिले हैं। तीन जुलाई की रात मौके पर दो मृत हरिण व शिकार में काम आने वाले हथियारों के साथ एक आरोपी पकड़ा गया था, वहीं उसका साथी मौके से भाग गया था। घटना के बाद से लगातार कई वन्य जीव प्रेमी एवं विश्नोई समाज के लोग विरोध जताते हुए शिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग कर रहे थे। इसी क्रम में सोमवार को श्रीजम्भेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा संस्था के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था।

की खोजबीन  गौड़ा चिंकारा शिकार प्रकरण को लेकर वन्य जीव प्रेमियों ने मंगलवार को गौड़ा के वन एवं गौचर भूमि क्षेत्र में खोजबीन की तो उन्हे कई अवशेष मिले। इसके बाद सूचना मिलने पर वन विभाग धोरीमन्ना की टीम को मौके पर बुलाकर यहां कई स्थानों पर पड़े मृत हरिणों के अवशेष बरामद कर सुपुर्द किए। गोचर भूमि में मंगलवार को एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे एवं आसपास चार हरिणों के अवशेष मिट्टी में दफनाए हुए मिले। जिन्हें टीम ने कब्जे में लिया। श्रीजम्भेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा संस्था के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल कड़वासरा ने बताया कि वन विभाग की टीम की मौजूदगी में चार हरिणों के सिर, टांग व खाल सहित अवशेष मिले हैं। उन्होंने बताया कि दर्जनों वन्यजीव प्रेमियों के साथ मौके पर वन विभाग की टीम ने अवशेष बरामद कर क़ब्ज़े में लिया गया। कड़वासरा ने बताया कि इस गोचर भूमि पर विचरण कर रहे बेजूबान वन्यजीव चिंकारा का शिकार लंबे समय से किया जा रहा था, जिसको लेकर विश्नोई समाज में जबरदस्त रोष है। विश्नोई समाज ने इतने बड़े स्तर पर हो रहे चिंकारा शिकार को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।