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गहलोत के बयान पर सियासी घमासान: बीजेपी का पलटवार, वीडियो में देंखे पूनिया और राठौड़ ने साधा निशाना

गहलोत के बयान पर सियासी घमासान: बीजेपी का पलटवार, वीडियो में देंखे पूनिया और राठौड़ ने साधा निशाना
 
गहलोत के बयान पर सियासी घमासान: बीजेपी का पलटवार, वीडियो में देंखे पूनिया और राठौड़ ने साधा निशाना

राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सचिन पायलट को लेकर दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने तीखा पलटवार किया है। सोमवार को इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों खेमों से बयानबाजी तेज हो गई, जिससे राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है।

पूनिया का हमला: ‘मैनेजमेंट और तिकड़म की राजनीति’

बीजेपी नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने गहलोत पर कड़ा प्रहार करते हुए उनकी राजनीतिक शैली पर सवाल उठाए। पूनिया ने कहा कि अशोक गहलोत की छवि “तिकड़मबाज, एडजस्टमेंट और मैनेजमेंट वाली राजनीति” करने वाले नेता की रही है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गहलोत का पूरा राजनीतिक दृष्टिकोण सिर्फ सत्ता संतुलन और “नेहरू-गांधी परिवार को खुश रखने” के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। पूनिया के इस बयान के बाद राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

राठौड़ का तीखा बयान: ‘हर सांस में राजनीति’

वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने भी गहलोत पर बेहद तीखा हमला बोला। राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत ऐसे नेता हैं, “जो सांस भी लेते हैं तो उसके पीछे भी कोई न कोई राजनीतिक संदेश छिपा होता है।”उनके इस बयान को कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक तंज माना जा रहा है, जिससे राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है।

कांग्रेस और बीजेपी में बढ़ी बयानबाजी

गहलोत के हालिया बयान के बाद से ही कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां एक ओर कांग्रेस अपने नेताओं के बयान को राजनीतिक संदर्भ में सही ठहरा रही है, वहीं बीजेपी इसे “व्यक्तिगत और रणनीतिक राजनीति” बता रही है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में आगामी समय में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, खासकर जब कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही एक-दूसरे पर हमलावर रुख अपना रही हैं।

राजस्थान की सियासत फिर गरम

राज्य की राजनीति में नेताओं के बीच जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है, लेकिन हालिया बयानबाजी ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच पहले से चली आ रही राजनीतिक खींचतान भी इस चर्चा के केंद्र में बनी हुई है।फिलहाल दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस विवाद पर कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।