Aapka Rajasthan
Dungarpur Mansoon Update : मानसून का अंतिम चरण शुरू, बांधों में जल संग्रहण 95% और औसत बारिश 115 फीसदी पहुंची
 

डूंगरपुर न्यूज़ डेस्क,मानसून का आखिरी चरण शुरू हो गया है। इसके अक्टूबर के पहले सप्ताह में रवाना होने की उम्मीद है। इस सीजन में जिले के बांधों में पानी के भंडारण और अब तक की औसत बारिश को जोड़ दें तो बारिश सामान्य से 15 फीसदी ज्यादा है और बांधों में 95 फीसदी पानी जमा हो चुका है.

Rajasthan Breaking News: जोधपुर में पिता ने अपने दो मासूम बेटों को गला दबाकर मारा, खुद ने भी की फांसी लगाकर आत्महत्या

करीब 7 बांध खाली हैं। लेकिन बड़ी राहत की बात यह है कि हमें पीने का पानी और सिंचाई का पानी देने वाले सभी बांध भर गए हैं. यानी अगर अभी बारिश नहीं हुई तो चिंता की कोई बात नहीं है. हमारे बांधों में पीने और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी है।

इधर आसमान साफ ​​होते ही अब तापमान भी बढ़ने लगा है। बुधवार शाम को अधिकतम तापमान 34.6 और न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक दो और चरणों में बारिश होने की संभावना है। जिसमें बाकी डैम में भी बारिश का पानी भर जाएगा।

आसमान साफ ​​रहने से तापमान बढ़ने से लोगों को गर्मी का अहसास होगा। हालांकि 15 अक्टूबर के बाद रात में लोगों को थोड़ी ठंडक महसूस होने लगेगी।

Rajasthan Breaking News: नागौर में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, गाड़ी से कुचलकर की 3 लोगों की हत्या

जल संसाधन विभाग के अनुसार जिले के सबसे बड़े सोम कमला अंबा बांध में जलग्रहण क्षेत्र से लगातार पानी आ रहा है, जिससे इसका जलस्तर बनाए रखने के लिए लगातार पानी निकाला जा रहा है.

बुधवार को प्रति सेकेंड 159.72 क्यूसेक पानी आ रहा था और 0.25 मीटर तक के दो गेट खोलकर प्रति सेकेंड 112.25 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा था. बांध का कुल जलस्तर 97.15 प्रतिशत है। सिर्फ गदाझुमजी, तामटिया, कंठड़ी, गलियाना, गजपुर, घोड़ों का नाका, करावारा तालाब खाली है।

जिले में 22 बांधों की कुल भरने की क्षमता 262.59 एमसीएम (मीटर क्यूबिक मीटर) है। इसकी तुलना में 251.810 एमसीएम पानी एकत्र किया गया है। जो कुल भरने की क्षमता का 95% है। जिले की वार्षिक औसत वर्षा 730 मिमी है। इसकी तुलना में 839 मिमी पानी बरस चुका है।

फिलहाल तो बारिश थम गई है, लेकिन पिछले दिनों की बारिश का पानी लगातार कैचमेंट एरिया से बांधों तक पहुंच रहा है, जिससे पूरे बांधों के ओवरफ्लो प्वाइंट पर 5 से 10 सेंटीमीटर पानी की चादर बह रही है.