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Dungarpur विदेश में नौकरी को लेकर फंसे संभाग के 20 युवा

 
Dungarpur विदेश में नौकरी को लेकर फंसे संभाग के 20 युवा
डूंगरपुर न्यूज़ डेस्क, डूंगरपुर कुवैत और खाड़ी देशों में नौकरी की खातिर दस्तावेज बनाने-बनवाने में केरल के चिकित्सा संस्थान के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। वेबसाइट हैकिंग के जरिए फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने पर केरल की साइबर थाना पुलिस चार राज्यों के 28 जनों की सूची बनाकर पीछे लग गई है। इससे बांसवाड़ा संभाग के 20 युवा संकट में हैं।सूत्रों के अनुसार पूरा खेल मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट को लेकर हुआ। जालसाजों के गिरोह ने विदेश जाने के इच्छुक और महज इस सर्टिफिकेट के चक्कर में अटक रहे युवाओं से संपर्क किया। फिर मुंहमांगे पैसे लेकर उन्हें जाली सर्टिफिकेट थमाना शुरू कर दिया।

इसकी जानकारी मलप्पुर जिले के आईबीएनयू सीना मेडिकल सेंटर को जनवरी में हुई, जब उसके प्रबंधक ने उनके सेंटर के नाम के फिटनेस सर्टिफिकेट फर्जी जारी होने का दावा किया। इसके लिए जालसाजों ने सेंटर की वेबसाइट हैक कर दी और फर्जी यूजर, पासवर्ड बनाकर उस पर फर्जी सर्टिफिकेट बनाते हुए अपलोड कर धोखाधड़ी की। इस पर मलप्पुरा साइबर पुलिस ने जालसाजी और धोखाधड़ी के साथ आईटी एक्ट के अपराध में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद प्रकरण में फर्जीवाड़ा-करने-कराने वाले एक के बाद एक, कई शातिरों के नाम आए और अब 28 जने चिह्नित कर संबंधित राज्यों की जिला पुलिस को आरोपियों की तस्दीक के लिए भेजे गए हैं। इनमें बांसवाड़ा के सभी आरोपी गढ़ी, अरथूना और सदर इलाकों के हैं।

ट्रावेल्स संचालक को ले जा चुकी है गढ़ी पुलिस

गढ़ी सीआई विक्रमसिंह ने बताया कि जालसाजी के केस में केरल पुलिस ने आकर मदद मांगी थी। उनके प्रकरण में मूल कलिंजरा हाल परतापुर चौक के सामने निवासी ऋतिक ट्रावेल्स के नरेश जैन को मलप्पुर साइबर पुलिस ले जा चुकी है। इधर, सदर थानाधिकारी दिलीपसिंह ने केरल से किसी टीम के आने की जानकारी से इनकार किया।