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Chittorgarh डेयरी का गेट फिर बंद, चेयरमैन व एमडी में हुई तीखी नोकझोंक

 
Chittorgarh डेयरी का गेट फिर बंद, चेयरमैन व एमडी में हुई तीखी नोकझोंक

चित्तौड़गढ़ न्यूज़ डेस्क,  चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ सत्ता में बदलाव के साथ ही राजनीति का अखाड़ा बन गया है। डेयरी अध्यक्ष और एमडी में खींचतान इस कदर बढ़ गई है कि बुधवार को दोनों के बीच नौबत नोक-झोंक तक पहुंच गई। डेयरी अध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों ने मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना-प्रदर्शन किया। डेयरी अध्यक्ष बद्रीलाल जाट जगपुरा के नेतृत्व में बुधवार दोपहर किसान डेयरी पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरना-प्रदर्शन व एमडी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल गर्माने की सूचना पर सदर थाना प्रभारी गजेन्द्रसिंह पुलिस जाप्ते सहित डेयरी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से समझाइश का प्रयास किया।

बाद में तय हुआ कि अध्यक्ष के कक्ष में एमडी को बुलाकर समस्याओं के संबंध में वार्ता की जाए। थाना प्रभारी सिंह की मौजूदगी में वार्ता शुरू हुई। अध्यक्ष जगपुरा ने कहा कि एमडी सुरेश सेन ने राजनीतिक दबाव में आकर कई बीएमसी बंद कर भुगतान रोक दिया गया है। जबकि एमडी का कहना था कि दूध चोरी और मिलावट के मामले सामने आने पर कुल नौ बीएमसी बंद की गई है। इनमें दूध चोरी मामले में बोराव, रायती, बनाकिया खुर्द, बलारड़ा, लांगच व गोराजी का निम्बाहेड़ा तथा दूध में पानी की मिलावट पाई जाने पर केरिंगखेड़ा, जयसिंहपुरा व आलोद बीएमसी बंद की गई है। वार्ता के दौरान ही अध्यक्ष जगपुरा व एमडी सेन आपस में उलझ गए और नौबत नोक-झोंक तक पहुंच गई। आवेश में आकर एमडी वहां से उठकर अपने चेंबर में चले गए।

एमडी का कहना था कि अध्यक्ष जगपुरा ने उसके साथ अमर्यादित भाषा में बात की। इसके बाद डेयरी अध्यक्ष व किसान भी डेयरी के मुख्य गेट पर आकर धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस उप अधीक्षक तेज पाठक वहां पहुंचे, जिन्हें डेयरी अध्यक्ष के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद सभी कलक्ट्रेट पहुंचे और अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन राकेश कुमार को ज्ञापन सौंपा।