कोटा के बाद बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही का मामला, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
राजस्थान में चिकित्सा सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद पांच प्रसूताओं की मौत के मामले के बाद अब बीकानेर के पीबीएम (PBM) अस्पताल में भी डॉक्टरों की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
गौरतलब है कि करीब एक माह पहले कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने से पांच महिलाओं की मौत हो गई थी। वहीं कई अन्य प्रसूताओं की हालत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर अवस्था में निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ा था। इस मामले ने पूरे प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी थी।
अब बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से सामने आए नए मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि मामले की विस्तृत जानकारी और जांच रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मरीजों के परिजनों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि घटना के पीछे किस स्तर पर चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
कोटा और बीकानेर के मामलों के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
