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Banswara गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में अब माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए नहीं भागना पड़ेगा

 

बांसवाड़ा न्यूज़ डेस्क, बांसवाड़ा गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय से सम्बद्ध बांसवाड़ा, डूंगरपुर एवं प्रतापगढ़ जिलों में अध्ययनरत एवं महाविद्यालयीन शिक्षा प्राप्त करने वाले उन विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है, जिन्हें अन्यत्र उच्च शिक्षा हेतु प्रवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बांसवाड़ा जीजीटीयू का चक्कर लगाना पड़ता था. विवि प्रशासन ने तीनों जिलों के कैंपस व 11 अन्य कॉलेजों को नोडल सेंटर बनाया है. छात्र ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के बाद वांछित केंद्र से मूल प्रवासन प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को समझाने के लिए विश्वविद्यालय परीक्षा अनुभाग की ओर से प्रभारियों के लिए एक प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई. बैठक में बताया गया कि जीजीटीयू कैंपस, न्यू लुक गर्ल्स कॉलेज लोढ़ा, अरावली कॉलेज ठीकरिया, लियो कॉलेज डांगपारा, सर्वोदय गर्ल्स कॉलेज बागीडोरा, एमबीडी कॉलेज कुशलगढ़, पीएसपी कॉलेज परतापुर, सिद्धि कॉलेज सागवाड़ा, गुरुकुल कॉलेज डूंगरपुर, एपीसी कॉलेज प्रतापगढ़ और सिद्धेश्वर कॉलेज धरियावाड़। नोडल सेंटर स्थापित किया गया है।

लाने होंगे ये दस्तावेज, मूल माइग्रेशन छात्र को ही दिया जाएगा केवल विशेष परिस्थितियों में विद्यार्थी के माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी को स्टाम्प पर अधिकार पत्र देकर ही दिया जा सकता है। छात्र को आधार कार्ड की कॉपी और ऑनलाइन भरे गए फॉर्म की रसीद देना अनिवार्य होगा। इधर जीजीटीयू ने ऑनलाइन परीक्षा आवेदन को लेकर निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार प्रथम वर्ष कला में छह समूहों में से ही विषयों का चयन करना होगा। छात्र प्रत्येक समूह से एक विषय और तीन वैकल्पिक विषय चुन सकेंगे। इसमें अधिकतम दो भाषाएँ लग सकती हैं। यदि कोई छात्र व्यावहारिक विषय विज्ञान, भूगोल, चित्रकला, गृह विज्ञान, संगीत आदि लेकर परीक्षा फॉर्म भरकर प्रथम वर्ष में प्रवेश ले रहा है। आगामी सत्र में यदि उसे कोई अन्य कोर्स करना है तो उसे परीक्षा फार्म में प्रैक्टिकल विषय नहीं लेने को कहा गया है। एसटीसी आदि परीक्षा के बाद अथवा अन्य शासकीय सेवा में नियुक्ति की स्थिति में प्रैक्टिकल विषय होने पर नियमित प्रवेश नहीं मिलेगा। नियमित एवं स्वाध्याय करने वाले विद्यार्थियों को मूल प्रवासन प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। जो विद्यार्थी किसी भी शासकीय अथवा निजी महाविद्यालय में प्रथम वर्ष में नियमित रूप से अध्ययनरत हैं, उन्हें महाविद्यालय में मूल टीसी एवं मूल चरित्र प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। समस्त टीसी एवं चरित्र प्रमाण पत्र का संधारण संबंधित महाविद्यालय द्वारा ही किया जायेगा। यदि कोई छात्र किसी अन्य पाठ्यक्रम में नियमित रूप से कहीं और अध्ययन कर रहा है, तो उसे किसी भी परिस्थिति में जीजीटीयू के किसी भी कॉलेज में नियमित प्रवेश नहीं लेना चाहिए और न ही नियमित रूप से परीक्षा फॉर्म भरना चाहिए।